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Bhartiya Loktantra Ka Koras / भारतीय लोकतंत्र का कोरस

Bhartiya Loktantra Ka Koras / भारतीय लोकतंत्र का कोरस

Kuchh Bisri-Bikhari Dhwaniyan / कुछ बिसरी-बिखरी ध्वनियाँ

Priyamvad / प्रियंवद
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Paperback / Hardback

भारत के इतिहास विशेषकर आज़ादी के बाद से लेकर पाँच दशक के कार्यकाल की बड़ी राजनीतिक घटनाएँ और निर्णयों को लेकर हिंदी में पहली बार एक ऐसी पुस्तक आई है जिसमें देश की आज़ादी, संविधान का निर्माण, नेहरू लेकर इंदिरा गांधी तक की राजनीति और उनके निजी जीवन को के बारे में विस्तार से बताया गया है। इसमें आपको कांग्रेस के विघटन, जवाहरलाल नेहरू और कमला नेहरू के संबंध, इंदिरा गांधी की अपने ही घर में स्थिति, जेपी के आंदोलन, इंदिरा और जेपी के संबंध, आपातकाल आदि से जुड़ी बड़ी घटनाओं की पर्दे की पीछे की कहानी जानने को मिलेगी। देश के पहले चुनाव के दिलचस्प किस्से, बांग्लादेश के बनने-बिगड़ने की कहानी, दलाई लामा पर चीन की प्रतिक्रिया और चीनी हमले के समय भारत की स्थिति को जानने का मौका मिलेगा। निश्चित ही यह पुस्तक विद्यार्थियों, शोधार्थियों, अध्यापकों और राजनीति व इतिहास में रुचि रखने वालों के लिए बहुत ही कारगर सिद्ध होगी।

Imprint: Penguin Swadesh

Published: Jun/2025

ISBN: 9780143451815 (Paperback)

Length : 588 Pages

MRP : ₹699.00

Bhartiya Loktantra Ka Koras / भारतीय लोकतंत्र का कोरस

Kuchh Bisri-Bikhari Dhwaniyan / कुछ बिसरी-बिखरी ध्वनियाँ

Priyamvad / प्रियंवद

भारत के इतिहास विशेषकर आज़ादी के बाद से लेकर पाँच दशक के कार्यकाल की बड़ी राजनीतिक घटनाएँ और निर्णयों को लेकर हिंदी में पहली बार एक ऐसी पुस्तक आई है जिसमें देश की आज़ादी, संविधान का निर्माण, नेहरू लेकर इंदिरा गांधी तक की राजनीति और उनके निजी जीवन को के बारे में विस्तार से बताया गया है। इसमें आपको कांग्रेस के विघटन, जवाहरलाल नेहरू और कमला नेहरू के संबंध, इंदिरा गांधी की अपने ही घर में स्थिति, जेपी के आंदोलन, इंदिरा और जेपी के संबंध, आपातकाल आदि से जुड़ी बड़ी घटनाओं की पर्दे की पीछे की कहानी जानने को मिलेगी। देश के पहले चुनाव के दिलचस्प किस्से, बांग्लादेश के बनने-बिगड़ने की कहानी, दलाई लामा पर चीन की प्रतिक्रिया और चीनी हमले के समय भारत की स्थिति को जानने का मौका मिलेगा। निश्चित ही यह पुस्तक विद्यार्थियों, शोधार्थियों, अध्यापकों और राजनीति व इतिहास में रुचि रखने वालों के लिए बहुत ही कारगर सिद्ध होगी।

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Priyamvad / प्रियंवद

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