
अयोध्या जैसे प्राचीन शहर में एक प्रेमी जोड़ा, शिवम और आईना, एक-दूजे के नज़दीक आने लगता है। फ़ारुक़ी परिवार की बेटी आईना बारहवीं की छात्रा है, तो श्रेष्ठ दर्ज़ी बनने की इच्छा रखने वाला शिवम एक प्रमुख मंदिर के महंत का बेटा। जिस दिन शिवम अपने प्यार के करीब पहुँचता है, उसी दिन वह शहर में हुए दंगों में अपना सब कुछ, अपने माता-पिता और अपनी नीली आँखों वाली प्रेमिका को खो देता है। …और पीछे बची रह जाती हैं सिर्फ दर्दनाक यादें।
खिन्न और टूटा दिल लिये हुए शिवम शहर की हलचल और अपने काम में खो जाने के लिए दिल्ली चला आता है। जब ज़िंदगी में ठहराव आने लगता है, तभी फिर से हवा के झोंके की तरह अतीत उसके सामने लौट आता है और उसे आभास होता है कि आईना ज़िंदा है। बड़ी मशक्कत से जुटाई गई जानकारी के साथ, शिवम अपने प्यार को पाने के लिए एक दुरूह यात्रा शुरू करता है, जो उसे आईना की तलाश में दुबई तक ले जाती है। शिवम और आईना की यह प्रेम कहानी एक बार फिर साबित करती है कि अगर किसी को शिद्दत से चाहो तो पूरी कायनात उससे मिलाने में लग जाती है।
Imprint: Penguin Swadesh
Published: Feb/2024
ISBN: 9780143465829 (Paperback)
Length : 232 Pages
MRP : ₹199.00