
कार का पिछला दरवाज़ा खुला और उसमें से एक लड़की निकली। गोरा रंग, बहुत ही सुंदर और सुनहरी बाल. . . देखते ही मैं उछल पड़ा और शुक्ला जी को बाजू से घसीटता हुआ खिड़की तक ले आया और चिल्लाकर बोला— ‘वह देखो!’ इस पर शुक्ला मेरा बाजू थामकर जीने की ओर भागा।
‘यही तो थी वह लड़की, जिसका जिक्र चाचा जी ने अपने पत्रों में किया था और जो अपनी खोजबीन का केंद्रबिंदु बनी हुई थी।’
एक ऐसे गोरखधंधे की कहानी, जिसे षड्यंत्र का रूप देने के लिए अजीबोगरीब मकड़ी का जाला बुना गया, पर. . . घटनाओं की गड़बड़ी से सब कुछ छिन्न-भिन्न हो गयाा!
यह एक ऐसी पुस्तक है, जिसमें एक सशक्त जासूसी उपन्यास के सभी गुण मौजूद हैं — मनुष्य की विवशताओं के फलस्वरूप घटी दुर्घटना की यह एक रोमांचक दास्तान है।
Imprint: Penguin Swadesh
Published: May/2025
ISBN: 9780143476382 (Paperback)
Length : 144 Pages
MRP : ₹175.00