
© 2020 Penguin India

सूखा पत्ता अमरकान्त की ही नहीं, बल्कि पिछले बीस वर्षों में लिखे गए हिन्दी उपन्यासों में भी एक महत्त्वपूर्ण रचना है। आजादी से पहले के पूर्वी उत्तर प्रदेश का कस्बाई परिवेश और इसका कि शोर कथानायक कृष्ण यहाँ असाधारण रूप में चित्रित हुए हैं।
Imprint: Hind Pocket Books
Published: Feb/2023
ISBN: 9780143460930
Length : 112 Pages
MRP : ₹250.00
Imprint: Penguin Audio
Published:
ISBN:
Imprint: Hind Pocket Books
Published: Feb/2023
ISBN:
Length : 112 Pages
MRP : ₹250.00
सूखा पत्ता अमरकान्त की ही नहीं, बल्कि पिछले बीस वर्षों में लिखे गए हिन्दी उपन्यासों में भी एक महत्त्वपूर्ण रचना है। आजादी से पहले के पूर्वी उत्तर प्रदेश का कस्बाई परिवेश और इसका कि शोर कथानायक कृष्ण यहाँ असाधारण रूप में चित्रित हुए हैं।