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Speaking with Nature / Prakriti Se Samvad / प्रकृति से संवाद

Speaking with Nature / Prakriti Se Samvad / प्रकृति से संवाद

Bhartiya Paryavaranvad Ki Utpatti / भारतीय पर्यावरणवाद की उत्पत्ति

Ramchandra Guha / रामचंद्र गुहा
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Paperback / Hardback

यह पुस्तक भारत में पर्यावरण आंदोलन की जड़ों को समझने का एक महत्त्वपूर्ण प्रयास है। रामचंद्र गुहा इसमें दिखाते हैं कि कैसे भारत में प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता केवल आधुनिक विचार नहीं, बल्कि सदियों पुरानी सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक परंपराओं से जुड़ी हुई है। पुस्तक में भारतीय इतिहास से जुड़े नौ पर्यावरणविदों के माध्यम से यह बताया गया है कि आम लोगों—विशेषकर ग्रामीण समुदायों—ने अपने जीवन और आजीविका की रक्षा के लिए पर्यावरण संरक्षण को एक संघर्ष के रूप में अपनाया। गुहा यह भी स्पष्ट करते हैं कि भारतीय पर्यावरणवाद पश्चिमी मॉडल से अलग है, क्योंकि यह केवल प्रकृति की रक्षा नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और संसाधनों के समान वितरण से भी जुड़ा है।

Imprint: Penguin Swadesh

Published: Jun/2026

ISBN: 9789377303488 (Paperback)

Length : 408 Pages

MRP : ₹599.00

Speaking with Nature / Prakriti Se Samvad / प्रकृति से संवाद

Bhartiya Paryavaranvad Ki Utpatti / भारतीय पर्यावरणवाद की उत्पत्ति

Ramchandra Guha / रामचंद्र गुहा

यह पुस्तक भारत में पर्यावरण आंदोलन की जड़ों को समझने का एक महत्त्वपूर्ण प्रयास है। रामचंद्र गुहा इसमें दिखाते हैं कि कैसे भारत में प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता केवल आधुनिक विचार नहीं, बल्कि सदियों पुरानी सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक परंपराओं से जुड़ी हुई है। पुस्तक में भारतीय इतिहास से जुड़े नौ पर्यावरणविदों के माध्यम से यह बताया गया है कि आम लोगों—विशेषकर ग्रामीण समुदायों—ने अपने जीवन और आजीविका की रक्षा के लिए पर्यावरण संरक्षण को एक संघर्ष के रूप में अपनाया। गुहा यह भी स्पष्ट करते हैं कि भारतीय पर्यावरणवाद पश्चिमी मॉडल से अलग है, क्योंकि यह केवल प्रकृति की रक्षा नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और संसाधनों के समान वितरण से भी जुड़ा है।

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