
गुलाब का रंग दहकती हुई आग के समान होता है, और आग का रंग भी गुलाब के रंग जैसा ही होता है; किन्तु दोनों के प्रभाव में धरती-आसमान का अंतर होता है। गुलाब में ठंडक, ताज़गी और कोमलता होती है, जबकि धधकती हुई ज्वाला विनाश का हाहाकारी रूप धारण कर लेती है। प्रेम बाजपेयी का वह रोमांचक उपन्यास, जिसकी घटनाएंॅ आप कभी भूल नहीं सकेंगे। एक ऐसी नारी की जीवन-कथा, जो गुलाब के मानिन्द थी, किन्तु उसके भीतर आग के शोले धधक रहे थे। बेहद आसान भाषा में लिखा गया यह उपन्यास जितना रोचक है, इसकी लेखनशैली भी उतनी ही दमदार है।
Imprint: Penguin Swadesh
Published: Dec/2023
ISBN: 9780143465362 (Paperback)
Length : 158 Pages
MRP : ₹199.00