
“कोमल के प्यार की कली अपने प्रेमेरी के सुखद स्पर्श से सहसा फूल बनकर खिल उठी। कोमल ने देखा कि उसका चहेता अतीत को काली-अंधियारी घड़ियों को सच्चे दिल से भुलाकर, उसे वरना चाहता है। बस, उसके अंतर के अमिट अंधकार में खुशियों के सैकड़ों सूरज एक साथ चमक उठे। वह जीने की लालसा से भर गई और प्रिय के लिए अपने हृदय में प्रणय की सेज सजाने लगी!
एक ऐसी सुकुमारी की रोमांटिक कहानी, जो ठगी गई—कभी पुरुष के हाथों, कभी भाग्य के हाथों।
लेखक धर्मवीर कपूर का एक बहुचर्चित उपन्यास।”
Imprint: Penguin Swadesh
Published: Aug/2024
ISBN: 9780143470816 (Paperback)
Length : 126 Pages
MRP : ₹175.00