
उमा त्रिलोक की इन कहानियों को पढ़कर अहसास होता है कि ये तो अपने आसपास के पात्रों पर ही आधारित हैं। इन कहानियों की भाषा एवं शैली अत्यंत प्रभावशाली है और भाषा का मिठास भी अपनी ही वाणी जैसा नजर आता है। निस्संदेह ये कहानियाँ मनोरंजन के साथ-साथ पाठक को कल्पनालोक में भी ले जाती हैं और भावनाओं के भंवर में भी गोते लगवाती हैं। कुल मिलाकर ये कहानियाँ हरेक उम्र के पाठक के लिए पठनीय ही नहीं वरन संग्रह करने योग्य भी हैं।
Imprint: Penguin Swadesh
Published: Oct/2024
ISBN: 9780143471479 (Paperback)
Length : 124 Pages
MRP : ₹199.00