
एक ऐसी पुस्तक है जो पर्यावरण, आध्यात्म और मानवीय संवेदनाओं को एक सूत्र में पिरोती है। यह केवल वृक्षों की कहानी नहीं, बल्कि उस गहरे संबंध की खोज है जो मनुष्य और प्रकृति के बीच सदियों से मौजूद है। इस पुस्तक में पीपल बाबा ने अपने जीवन के अनुभवों, संस्मरणों और विचारों के माध्यम से यह दिखाया है कि पीपल का वृक्ष केवल एक प्राकृतिक इकाई नहीं, बल्कि ऊर्जा, चेतना और आध्यात्मिकता का प्रतीक है। भारतीय संस्कृति में इसकी विशेष महत्ता को लेखक ने आधुनिक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया है। यह पाठकों को न केवल पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करती है, बल्कि उन्हें अपने भीतर और प्रकृति के साथ गहरे जुड़ाव को महसूस करने के लिए प्रेरित करती है।
Imprint: Penguin Swadesh
Published: Jun/2026
ISBN: 9789377303525 (Paperback)
Length : 324 Pages
MRP : ₹299.00