Publish With Us

Follow Penguin

Follow Penguinsters

Follow Hind Pocket Books

Here and Hereafter (Hindi)/Yahan Aur Yahan Ke Baad/यहाँ और यहाँ के बाद

Here and Hereafter (Hindi)/Yahan Aur Yahan Ke Baad/यहाँ और यहाँ के बाद

Nirmal Verma Aur Unka Sahityik Sansar/निर्मल वर्मा और उनका साहित्यिक संसार

Vineet Gill/विनीत गिल
Select Preferred Format
<
Buying Options
Paperback / Hardback

इस शानदार किताब के जरिए विनीत गिल ने आधुनिक हिंदी साहित्य के शिखर पुरुषों में गिने जाने वाले एक  लेखक के साहित्यिक संसार की गहरी पड़ताल की है और निर्मल वर्मा के जीवन के बिखरे हुए तत्वों को एक ऐसी सामग्री की तरह देखा है जिसने एक लेखक के रूप में उन्हें गढ़ा। जिन जगहों पर निर्मल वर्मा रहे, जिन लोगों को वे जानते थे और जिन पुस्तकों को वे पढ़ते थे, गिल की राय में, ये सब कुछ वर्मा की कहानियों और उपन्यास में परिलक्षित होता है। यह किताब गहन पाठकीय विश्लेषण और बेहद सोच समझकर की गई पड़ताल का नतीजा है- वर्मा के साहित्यिक कृतित्व और विश्व साहित्य में उनके स्थान के बारे में एक चिंतन। 

Imprint: Penguin Swadesh

Published: Jan/2024

ISBN: 9780143460541

Length : 256 Pages

MRP : ₹299.00

Here and Hereafter (Hindi)/Yahan Aur Yahan Ke Baad/यहाँ और यहाँ के बाद

Nirmal Verma Aur Unka Sahityik Sansar/निर्मल वर्मा और उनका साहित्यिक संसार

Vineet Gill/विनीत गिल

इस शानदार किताब के जरिए विनीत गिल ने आधुनिक हिंदी साहित्य के शिखर पुरुषों में गिने जाने वाले एक  लेखक के साहित्यिक संसार की गहरी पड़ताल की है और निर्मल वर्मा के जीवन के बिखरे हुए तत्वों को एक ऐसी सामग्री की तरह देखा है जिसने एक लेखक के रूप में उन्हें गढ़ा। जिन जगहों पर निर्मल वर्मा रहे, जिन लोगों को वे जानते थे और जिन पुस्तकों को वे पढ़ते थे, गिल की राय में, ये सब कुछ वर्मा की कहानियों और उपन्यास में परिलक्षित होता है। यह किताब गहन पाठकीय विश्लेषण और बेहद सोच समझकर की गई पड़ताल का नतीजा है- वर्मा के साहित्यिक कृतित्व और विश्व साहित्य में उनके स्थान के बारे में एक चिंतन। 

Buying Options
Paperback / Hardback

Vineet Gill/विनीत गिल

विनीत गिल लेखक और संपादक हैं। अक्सर साहित्यिक-आलोचनात्मक प्रकृति और कभी-कभी बेहद निजी स्वर लिए उनके कई निबंधों को विभिन्न भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय प्रकाशनों में जगह मिली है। बीते दशक में उन्होंने अपने समय का महत्वपूर्ण हिस्सा पढ़ने और लिखने में व्यतीत किया है, और इन दोनों परस्पर संबंधित गतिविधियों के आस-पास अपने जीवन को गढ़ने की कोशिश की है। यह उनकी पहली किताब है। 

error: Content is protected !!