
महात्मा गांधी की यह कृति आधुनिक सभ्यता, राजनीति, विकास और स्वतंत्रता पर एक गहन चिंतन प्रस्तुत करती है। प्रश्नोत्तर शैली में लिखी गई हिंद स्वराज केवल भारत की स्वतंत्रता का सपना नहीं दिखाती, बल्कि यह भी बताती है कि सच्चा स्वराज क्या है और उसे कैसे प्राप्त किया जा सकता है। गांधीजी आधुनिक भौतिकवादी सभ्यता की सीमाओं को रेखांकित करते हुए सत्य, अहिंसा, आत्मसंयम और नैतिकता पर आधारित समाज की परिकल्पना करते हैं। यह पुस्तक उस समय लिखी गई थी जब भारत स्वतंत्रता संग्राम के प्रारंभिक दौर में था। गांधीजी का मानना था कि केवल सत्ता परिवर्तन से वास्तविक स्वतंत्रता नहीं मिलती; इसके लिए व्यक्ति और समाज दोनों का नैतिक रूपांतरण आवश्यक है।
Imprint: Penguin Swadesh
Published: Oct/2026
ISBN: 9789377303297 (Paperback)
Length : 112 Pages
MRP : ₹125.00