इतने अच्छे दिन कमलेश्वर की ऐसी कहानियों का संग्रह है, जिसमें जीवन के हरेक पहलुओं को खूबसूरती के साथ उकेरा गया है। यह सभी कहानियाँ आम आदमी के जीवन से जुड़ी हुई हैं और इनमें हर किसी को अपने आसपास घटी घटना ही नजर आती है। सभी कहानियआँ अत्यंत लोकप्रिय हैं और लोगों की जबान पर आज तक हैं। पाठक इन कहानियों को बार-बार पढ़ने का मोह नहीं छोड़ पाते हैं।
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Haar Nahin Manungi/हार नहीं मानूँगी
इस काव्य संग्रह में राष्ट्रीयता, समाज सुधार, युग बोध के साथ-साथ भारतीय संस्कृति एवं नारी का चित्रण हुआ है। गुप्तजी ने नारी को गौरवपूर्ण स्थान दिया है। उन्होंने अपने इस काव्य संग्रह में सीता, यशोधरा, उर्मिला, कौशल्या, द्रौपदी आदि के माध्यम से नारी के उज्ज्वल और संघर्षशील वैवाहिक रूप को निरूपित किया है। उनकी दृष्टि में नारी पुरुषों के समान ही समस्त कार्य कर सकती है, कंधे से कंधा मिलाकर चल सकती है।
Uske Vanshaj/उसके वंशज
एक आपस में लड़ते झगड़ते माँ-बाप की संतान अमर हम्सा एक पुराने ढहते और गिरते हुए मकान में पलता-बढ़ता है जिसे बंगलो कहा जाता है जहाँ हादसे हुए हैं और त्रासदियाँ होती रही हैं। अपने परंपरावादी परिवार में वह नास्तिक बन जाता है। इस कहानी में अंधी स्त्री एक बिंब की तरह प्रयोग में लाई गई है जिसका पूरी कहानी पर छाप है। उम्मीदों के मुताबिक ही उसके जीवन में भी हादसे होने लगते हैं। छब्बीस साल की उम्र में वह तय करता है कि वह एक काल्पनिक पाठक को अपनी कहानी सुनाएगा और जब वह ऐसा करने लगता है तो बंगलो की हर दीवार से मानव कंकाल प्रकट होने लगते हैं। यह एक डार्क ह्यूमर है जिसे मानवीय संवेदनाओं के साथ लिखा गया है।
Portraits of Valour: Timeless Military Art | A Military Art Book on Indian Army Battles Including War Paintings | Celebrating the Bravery of the Armed Forces
Ever wondered what a war truly looks like – in its heat and colour, its chaos and charged stillness?
Over five decades, Lieutenant Colonel Arul Raj, among India’s few military painters, has transformed experience, research, and memory into paintings that hold the small, electrifying truths of the battlefield: the tension in a commander’s stance, dust rising under marching boots, the silent focus of gunners. In Portraits of Valour, every artwork is rendered with striking clarity and carries the emotional depth of someone who has lived at the frontlines. You are not just looking at history – you are feeling it.
Paired with Major General Ian Cardozo’s insightful storytelling, the artworks in this book take on a rare authenticity. The narrative reveals not only the valour of soldiers, but the human stories behind their uniforms. It is a tribute to those who served but also to the power of art to hold memory.
Whether you come to learn, marvel at the art, or dive into incredible true stories, this is India’s military history rendered vivid, honest, and enduring, one brushstroke at a time.
Cobalt Blue (Hindi)/कोबॉल्ट ब्लू
हुआ यूँ कि आने वाला पेइंग गेस्ट जोशी परिवार के लिए फ़ायदे का सौदा लगता है। वह तय किराए के लिए तैयार है, जब कर सके तो अपनी मदद देने को तैयार है और मिसिज़ जोशी की संस्कृति-संस्कारों में हो रहे पतन के बारे में बकबक भी मन लगाकर सुन लेता है। लेकिन वह आदमी अबूझ पहेली-सा भी है। उसके नाम के साथ कुछ और नहीं लगता। उसका कोई परिवार नहीं है, न कोई मित्र, ना ही कोई इतिहास, और तो और भविष्य को लेकर कोई योजना भी नहीं। फिर भी भाई-बहन तनय और अनुजा उससे प्यार कर बैठते हैं। वह उनके जीवन की धारा ही पलट देता है, और जब गायब होता है तो उनका दिल भी तोड़ जाता है। कोबॉल्ट ब्लू बड़ी नरमी और निर्मम स्पष्टता के साथ ही सुरुचिपूर्ण ढंग से गढ़ी और सुघड़ता से पेश की गई कहानी है, जोशीली मुहब्बत और दिल को चकनाचूर कर देने वाली।
‘ऐसी किताब पढ़ते हुए जिसमें डूब जाएँगे, और पूरी पढ़ने के बाद भी जो आपके साथ बनी रहेगी’ – डीएनए
Samarth Ramdas/समर्थ रामदास
समर्थावरी अहंता। अंतरीं मानी मानी समता।
सामर्थ्येंवी करी सत्ता। तो येक मूर्ख।।
एक प्रकार का मूर्ख वह होता है, जो समर्थ व्यक्ति के सामने अहंकार से पेश आए, अपने आपको उसके बराबर समझे और पूरी क्षमता के बिना अपना अधिकार जमाए।
महाराष्ट्र के ओजस्वी संत-कवि समर्थ रामदास छत्रपति शिवाजी के समकालीन थे और उन्होंने अन्याय, अत्याचार और दासता के विरोध में आवाज़ उठाई थी। भारतीय संत ने मनुष्य की उन् नति के लिए वचनामृत को काव्य में ढाला और जन-जन तक पहुँचाया। उन्होंने अपने प्रसिद्ध ग्रंथ दासबोध में राजनीति पर भी विचार प्रकट किए। इस पुस्तक में समर्थ रामदास का जीवन परिचय एवं दासबोध का सरल हिन्दी रूपांतरण दिया गया है।
Dilli Mein Ek Maut/दिल्ली में एक मौत
इस पुस्तक में कमलेश्वर की दिल्ली में एक मौत तथा अन्य कहानियाँ दी गई हैं। इन तमाम कहानियों में कस्बाई, नगरीय एवं महानगरीय जीवन की तमाम गतिविधियों, लोगों के सहज मनोविज्ञान को देखा जा सकता है। कमलेश्वर मूलत: मैनपुरी (उत्तरप्रदेश) में जन्में होने के कारण और बाद में नौकरी के सिलसिले में दिल्ली-बंबई में रहने से उनकी कहानियों में कस्बाई जीवन का चित्रण अधिक है।
Antim Safar/अंतिम सफ़र
अंतिम सफर कमलेश्वर का अंतिम एवं कालजयी उपन्यास है, जिस पर वे फिल्म बनाना चाहते थे। लेकिन उनके असामयिक निधन के कारण यह कृति सिल्वर स्क्रीन पर साकार न हो सकी। यह न केवल इंदिरा गांधी के जीवन पर एक उत्कृष्ट उपन्यास है, वरन स्वतंत्र भारत के इतिहास के कुछ स्वर्णिम पन्ने भी इसमें हैं। यह भारतीय इतिहास के एक ऐसे युग की कहानी है, जो हमेशा याद किया जाएगा। उपन्यास की भाषा अत्यंत सरल एवं आम बोलचाल की भाषा है।
Ek Din Mathura Mein Tatha Anya Kahaniyan/एक दिन मथुरा में तथा अन्य कहानियाँ
नरेन्द्र कोहली एक ऐसा नाम है, जिन्होंने लाखों पाठकों के बीच अपनी लोकप्रिय छवि बनाई और प्रसिद्धी के शिखर छुए। उनकी उपन्यास शृंखलाएँ इसका उदाहरण हैं। उन्होंने कई विधाओं में लिखा, तो बच्चों और किशोरों के लिए भी ढेरों कहानियाँ लिखीं। इस संग्रह में उनकी ‘एक दिन मथुरा में’ तथा अन्य कहानियाँ दी गई हैं। सभी कहानियाँ अत्यंत हृदयस्पर्शी, रोचक एवं प्रेरणाप्रद हैं। परन्तु ये कहानियाँ महज उपदेश देने के लिए नहीं हैं, बल्कि इनमें उद्देश्य सामने रखा गया है, ताकि नई पीढ़ी की यह ख़ुशनुमा फसल कुछ सीख सके, कुछ बन सके।
Roothi Rani/रूठी रानी
जिस देश की संस्कृति अपना इतिहास भूल जाती है, वह देश दुनिया के नक्शे से हमेशा के लिए नष्ट हो जाता है। जब-जब भारत अपना इतिहास भूला, तब–तब पराधीन होता चला गया, लेकिन जब इस देश के समाज सुधारकों, चिंतकों और साहित्यकारों ने लोगों को भारत के गौरवशाली इतिहास से अवगत कराया, तो तब देश न केवल स्वतंत्र हुआ वरन नव निर्माण के साथ उन्नति के शिखर को छूने के निकट जा पहुंचा। आचार्य चतुरसेन ऐसे ही लेखक थे, उन्होंने अपनी इस पुस्तक में रूठी रानी समेत इतिहास की कई अन्य वीरांगनाओं एवं वीरों का कहानी के माध्यम से अदभुत चित्रण किया है।
