‘प्रत्येक पाठक, चाहे वह किसी भी पेशे या उम्र का हो, अपने जीवन को बेहतर बनाने के लिए इस किताब से एक-न-एक मूल्यवान सीख अवश्य ग्रहण कर सकेगा’ —नारायण मूर्ति
‘यह किताब एक मेंटॉर के रूप में मार्गदर्शन करके आपको सफलता की सार्थक ऊँचाइयों तक पहुँचाएगी’ —डॉ मानसिंह
रतन टाटा
नारायण मूर्ति
सद्गुरू जी
किरण मजूमदार-शॉ
जॉन चैम्बर्स
डॉ देवी शेट्टी
राहुल द्रविड़
प्रकाश पादुकोण
जैसे कई जाने-माने व्यक्तित्वों के विशेष साक्षात्कार इस किताब में दिए गए हैं। जिनमें लेखक के साथ साझा किए गए उनके रेखांकित करने लायक विशिष्ट ज्ञान को पढ़ने का अवसर मिलता है।
एक श्रेष्ठ मेंटॉर, साथ ही, ग्लोबल लीडर, आन्त्रेप्रेन्योर, लेखक, तकनीकी दूरदर्शी, अन्वेषक, अंतर्राष्ट्रीय वक्ता, डॉ मानसिंह जनहित के कामों में भी सक्रिय हैं। उनकी मेंटॉर करने की तकनीकों ने विश्वभर में हज़ारों लोगों की मदद की है।
आप विद्यार्थी हों, कोई प्रोफ़ेशनल या फिर सीईओ, यह किताब सार्थक सफलता पाने में आपकी सहायता करेगी!
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Sufi Vaigyanik (Hindi) / सूफी वैज्ञानिक
सूफी वैज्ञानिक कहे जाने वाले जगदीश चंद्र बोस को भारत में आधुनिक विज्ञान के पिता का दर्जा हासिल है। वह अपने जीवन काल में कम से कम दो बार नोबेल पुरस्कार जीतने के करीब आए। बोस के वैज्ञानिक शोध का विस्तार माइक्रोवेव्स से लेकर पादप विज्ञान तक था। वह अमेरिकी पेटेंट प्राप्त करने वाले पहले एशियाई थे। वह 19वीं सदी में विषयों को एक दूसरे से अलग करती ऊँची दीवारों को ढहाकर पादप-तंत्रिका विज्ञान जैसे विषयों की शुरुआत करने वाले लोगों में से एक थे। बोस ने भारतीय भाषाओं की पहली साइंस-फ़िक्शन कहानी लिखी। यह जीवनी उनके महानतम बनने के सफर को रेखांकित करती है।
One Life (Hindi) / वन लाइफ
यह समझना महत्त्वपूर्ण है कि हममें से, विशेष रूप से उच्च जीवन स्तर वाले समृद्ध देशों में लोग बीमार पड़ रहे, विशेषकर काम से संबंधित तनाव के कारण। यह किताब ‘कार्य-जीवन संतुलन’ पर हमला करता है और इसकी वकालत करता है जो हमारे पास है संतुष्टि, ख़ुशी और अर्थ के बीच अंतर करने की अपनी क्षमता क्षमता खो चुके हैं। डेनमार्क में सबसे अधिक पढ़ी जाने वाली दार्शनिक पुस्तक 2018-19, वन लाइफ इस बात की वकालत करती है कि हमें ख़ुद को इस रूप में देखना चाहिए हर इंसान के पास एक ही जीवन होता है जो उतना ही सार्थक होना चाहिए : – ख़ुशी नहीं अर्थ—हमारे जीवन, व्यवसाय और समाज में सबसे अधिक मायने रखता है।
The Communist Manifesto (Hindi) / द कम्युनिस्ट मैनिफ़ेस्टो
द कम्युनिस्ट मैनिफ़ेस्टो कार्ल मार्क्स और फ्रेडरिक एंजेल्स द्वारा लिखी गई एक ऐतिहासिक पुस्तक है, जो 1848 में प्रकाशित हुई थी। यह पुस्तक पूँजीवाद की आलोचना और मज़दूर वर्ग की एकजुटता का आह्वान करती है। इसमें समाज के शोषक और शोषित वर्गों के बीच के संघर्ष को उजागर किया गया है। यह पुस्तक समानता, न्याय और वर्गहीन समाज के निर्माण की दिशा में मार्गदर्शन करती है।
Lankesh / लंकेश
यह पुस्तक भारत के सबसे विख्यात महाकाव्य रामायण और इस कारण भारत के सबसे बड़े खलनायक, रावण, को विस्तार से जानने की राह खोलती है। यह पुस्तक भारत के सबसे बड़े खलनायक का विस्तृत विश्लेषण करती है। इस ज्ञानी और महान राजा के कर्मों के कारण उसके राज्य और परिवार पर आपत्ति आई। यह पुस्तक रावण के पतन के कारण समझाने का प्रयास करती है। रावण को समझने से हम अपने आप को और अपने तथा अन्य लोगों के भीतर के रावण को समझ सकते हैं। यहाँ रावण एक मनोवैज्ञानिक अवस्था के लिए रूपक हैं।
Ponniyin Selvan 3
Fear and suspicion abound as rumours of Arulmozhi Varman’s death at sea spread throughout the Chozha land. Anger grows against the powerful, scheming Pazhuvettaraiyars. As leaders scramble to handle the fallout, Nandini Devi, the captivating wife of the elder Pazhuvettaraiyar, continues her machinations against the Chozha royal family. She vows that the sword of the last Pandiyan king—killed by Prince Aditta Karikalan—will take the lives of countless enemies.
Astute he may be, but is Chief Minister Aniruddhar Brahmarayar up to the task of diplomacy in such a volatile political climate? Can Princess Kundavai fight her way through the web of political intrigue and deceit in which she is trapped? Will valiant Vandiyatevan continue to surmount the colossal challenges fate throws at him?
Kalki paints a study in contrasts in The Slaying Sword, the third in the Ponniyin Selvan series, and Gowri Ramnarayan translates his world of conflicts with empathy and adroitness.
Adhyatan/अद्यतन
सच्चिदानन्द वात्स्यायन ‘अज्ञेय’ को प्रतिभा-सम्पन्न कवि, शैलीकार, कथा-साहित्य के कुशल चितेरे, ललित-निबंधकार, संपादक और सफल अध्यापक के रूप में जाना जाता है। उनकी यह कृति निसंदेह गद्य साहित्य को एक नया मोड़ प्रदान करती है। हिंदी कहानी और गद्य साहित्य को आधुनिकता की दिशा में एक नया और स्थायी पड़ाव देने का श्रेय भी ‘अज्ञेय’ को प्राप्त है। इस पुस्तक में दिए गए निबंधों को पढ़कर आभास होता है कि निस्संदेह वे आधुनिक साहित्य के एक शलाका-पुरुष थे, जिसने हिंदी साहित्य में भारतेंदु के बाद एक-दूसरे आधुनिक युग का प्रवर्तन किया। यह पुस्तक आम पाठकों के साथ-साथ हिंदी साहित्य के शोधार्थियों और सिविल सर्विस की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए एक उत्कृष्ट रचना है।
Apradhi/अपराधी
अपराधी एक ऐसा उपन्यास है, जिसमें पराधीन काल में पुलिस द्वारा रस्सी का साँप बनाए जाने की गाथा उकेरी गई है। यह ठाकुरों के जमाने की कहानी है। इसमें ठाकुरों की ईर्ष्या, द्वेष का भी चित्रण है और पुलिस की मनमानी और सज्जन आदमी को भी अपराधी ठहराने के हथकंडों की दास्तान है। यह पुस्तक रोंगटे खड़े कर देने वाली ऐसी कहानी बयां करती है, जिसे पढ़कर हर कोई सिहर उठेगा। लेकिन एक बार पढ़ना शुरू करेगा तो पाठक इसे पढ़कर ही दम लेगा।
Begane Ghar Mein/बेगाने घर में
मंजुल भगत की इस कृति में तीन लघु उपन्यास संग्रहीत हैं—बेगाने घर में, लेडीज़ क्लब और टूटा हुआ इंद्रधनुष।
नई ज़मीन पर लिखे गए सशक्त उपन्यास बेगाने घर में को पढ़ते हुए अनुभव होगा कि एकाकीपन से उपजी पीड़ा धनहीनता की पीड़ा से कहीं अधिक कष्टकर है।
लेडीज़ क्लब सामयिक परिस्थितियों में उभरा एक सामाजिक व्यंग्य है। इसमें दोहरेपन को जीते लोग हैं और उनके खोखले आदर्श हैं। परिस्थितियों की विषमताओं से उत्पन्न कुंठा व संत्रास है।
टूटा हुआ इंद्रधनुष जीवन और उसके सत्यासत्यमूलक पहलुओं पर विचार करता है। इस उपन्यास में शरीर की वास्तविकता, जन्म और यौवन, क्षणिक अनुभूति की महत्ता प्रतिपादित की गई है।
Chhoti Si Baat/छोटी सी बात
‘छोटी-सी बात’ रांगेय राघव का अत्यंत लोकप्रिय एवं पठनीय उपन्यास है। कलेवर में भले ही यह लघु है परंतु अपने कथ्य में अत्यंत विराट है। कुल मिलाकर यह उपन्यास एक जीवंत दस्तावेज़ है।
पत्र शैली में लिखा गया यह उपन्यास नारी एवं पुरुष के संबंधों पर एक नए दृष्टिकोण से सोचने को विवश करता है। यह एक अत्यंत रोचक उपन्यास है। इस पर एक टेलीफिल्म का निर्माण भी हो चुका है।
