समाज में ‘दादा’ कहलाने वाले व्यक्तियों से प्रायः लोग भयभीत रहते हैं। परन्तु लोकप्रिय उपन्यासकार आचार्य चतुरसेन के इस उपन्यास का ‘दादा’ एक ऐसा चरित्र है, जो अपने कारनामों से लोगों को आतंकित तो करता है, परन्तु मौका पड़ने पर किसी की सहायता के लिए जान पर भी खेल जाता है। कोई व्यक्ति प्रेम के लिए क्या कुछ कर सकता है, ‘दादा’ इसका अन्यतम उदाहरण है। इसके अतिरिक्त इस पुस्तक में आचार्यजी की कुछ ऐसी चुनी हुई कहानियां भी हैं, जिनका कथानक आपको मंत्रमुग्ध कर देगा।
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Duniya Rang Rangili/दुनिया रंग-रंगीली
यह एक दार्शनिक का यात्रा-वर्णन है, जो विचारों एवं भावनाओं को उद्वेलित करता है। इसमें अमेरिका का सूक्ष्म एवं तलस्पर्शी निरीक्षण तो है ही, लेकिन भारतीय जीवन में जो कुछ शाश्वत एवं उदात्त है, उसका भी प्रभावोत्पादक निरूपण है। इस पुस्तक की भाषा अत्यंत सरल एवं रोचक है। एक बार पढ़ेंगे तो बार-बार पढ़ने का मन करेगा।
Hriday Ki Parakh/हृदय की परख
हृदय की परख आचार्य चतुरसेन का एक उत्कृष्ट सामाजिक उपन्यास है, इसमें एक रहस्यमयी नवयुवती की मार्मिक जीवन-गाथा है, जो समाज के लिए दर्पण है। किसी मनुष्य के हृदय में जब प्यास-सी उठती है, तो अजीब तरह की बेचैनी और छटपटाहट होने लगती है। मन चंचल होने लगता है और इसी के साथ शुरू होता है।
बहकना-भटकना। आचार्य चतुरसेन ने इसी मनोवैज्ञानिक सत्य को रोचक ढंग से हृदय की प्यास की कथा में मोती की तरह पिरोया है। यह कृति युवा मन को समझने का भी प्रयास करती है।
Bose (Hindi)/Subhash Babu/सुभाष बाबू
आम लोग सुभाष चंद्र बोस के गांधी से मतभेद और जर्मनी व जापान की मदद से द्वितीय विश्वयुद्ध में भारत को आज़ाद करवाने के प्रयासों के बारे में जानते हैं। लेकिन अब जो सूचनाएँ सामने आ रही हैं, वो बताती हैं कि उनके देश भर के क्रांतिकारियों से कैसे संबंध थे और अध्यात्म और खुफिया मिशनों से उनको कितना लगाव था। साथ ही, उन्होंने ब्रिटिश भारतीय सेना में विद्रोह पैदा करवाने के क्या-क्या प्रयास किए थे।
प्रश्न यह है कि क्या बोस वाकई नाजियों से सहानुभूति रखते थे? उन्होंने अपनी राजनीतिक छवि दांव पर क्यों लगाई? ऐसे ही कई सवालों के जवाब सुभाष बाबू नाम की यह पुस्तक देती है।
All Your Stranger (Hindi)/Saath Rehna, Ajnabi/साथ रहना, अजनबी
हिया चौधुरी के स्क्रैपबुक के डीटेल जानने के बाद रिवाना के पैरों के नीचे से ज़मीन खिसक जाती है। हिया की मौत और रिवाना के बुरे सपनों के बीच की समानताएँ उसकी रातों की नींद उड़ा देती हैं। रिवाना तुरंत कोलकाता के लिए टिकट बुक करा लेती है। उसे हिया के घर जाकर उसकी मौत का सच पता करना ही होगा। हिया चैधुरी के बहाने आख़िर अजनबी उसे क्या बताना चाहता है? आख़िर वो उससे चाहता क्या है? रिवाना अब इन सवालों के जवाबों का इंतज़ार नहीं करती, लेकिन उसकी ये खोज क्या उसे अजनबी के बनाए हुए किसी नए चक्रव्यूह में ले जाएगी? इस रास्ते पर चलते हुए रिवाना को अपने ही बारे में और कौन से गहरे राज़ पता चलेंगे. . . क्या इससे उसे बाहर निकलने का रास्ता मिलेगा या वो हमेशा के लिए बर्बाद हो जाएगी।
Flowers on The Path (Hindi)/Rah Ke Phool/राह के फूल
प्रस्तुत पुस्तक पाठकों के लिए एक गुलदस्ता है; यह द टाइम्स ऑफ इंडिया के स्तंभ ‘द स्पीकिंग ट्री’ धारावाहिक रुप में प्रकाशित सद्गुरु के आलेखों का संग्रह है। इन रचनाओं ने एकरसता और अशांति से घिरे लोगों के जीवन में नित्य प्रति सौंदर्य, हास्य, स्पष्टता और विवेक की शालीनता प्रवाहित की है।
सद्गुरु के मौलिक विचारों, स्पष्ट टिप्पणियों और समसामयिक मसलों पर दिए गए बयानों ने कभी-कभी विवाद पैदा किए हैं, पर उनसे राष्ट्रीय बहस में एक अलग रंगर और जीवंतता का संचार हुआ है। रुढ़ियों और परम्परागत विचारों से अलग नए दृष्टिकोण जगाकर पाठकों को चौंका देने वाली ये रचनाएँ, अपनी सौम्य सुगंध से भोर को भिगोते फूलों की तरह उत्साह और प्रेरणा प्रदान करती है।हमारी नजरों के सामने खिले फूलों की तरह इनमें आग्रहपूर्ण आमंत्रण है। सुवास आ आमंत्रण-सुवास जो मदहोश कर देती है, जो हमें याद दिलाती है कि जीवन कोई उलझी हुई पहेली नहीं है, बल्कि एक राज है जिसे अनुभव किया जा सकता है।
Hriday Ki Pyas/हृदय की प्यास
हृदय की प्यास आचार्य चतुरसेन का अत्यंत महत्त्वपूर्ण उपन्यास है। इसमें उन्होंने ऐसे युवक-युवतियों की सरस कथा कही है, जो वासनाओं की ओर झुकते हैं और फिर भावना तथा कर्तव्य की पहेली को सुलझाने के प्रयास में लग जाते हैं। प्रारंभ से अन्त तक पठनीय एक अत्यंत रोचक उपन्यास।
Patthar Yug Ke Do But/पत्थर युग के दो बुत
भारतीय साहित्य में अधिकतर प्यार करने वाले युवा-युवतियों की कहानियाँ पढ़ने को मिली हैं। विवाह के बाद घटने वाली घटनाओं पर बहुत कम साहित्य लिखा गया है। इस कमी को यह उपन्यास पूरा करता है। आचार्य चतुरसेन के इस उपन्यास में सभी पात्र अपने पति या पत्नियों के अतिरिक्त अन्य व्यक्तियों के प्रति आकृष्ट हैं। वे साँपों की इस घाटी में आँख मूंदकर बढ़ते चले जाते हैं और तब तक नहीं रुकते जब तक विनाश सामने नहीं आ जाता। समाज में आज भी स्त्री-पुरुष के विवाहेतर संबंध अनुचित माने जाते हैं लेकिन ये सम्बन्ध अस्वाभाविक नहीं हैं। इसी विषय-वस्तु को आधार बनाकर एक मनोरंजक वर्णन आचार्य चतुरसेन ने किया है साथ ही इसकी कथा का गठन भी ऐसा है कि पाठक के मर्म को छुए बिना न रहे।
Rashtrapati Radhakrishnan/राष्ट्र्पति राधाकृष्णन
राष्ट्रपति राधाकृष्णन् इस युग के एक महान दार्शनिक और तत्त्व-चिन्तक के रूप में विश्व-विख्यात हैं। सारे संसार के विद्वान उन्हें प्रखर विद्वान की दृष्टि से देखते हैं। राजनीति से दूर रहते हुए भी उन्होंने भारतीय स्वाधीनता-आंदोलन में और स्वतंत्र भारत के निर्माण में भारी योगदान दिया है। विख्यात पत्रकार अवनीन्द्रकुमार विद्यालंकार ने अपनी इस पुस्तक में डा० राधाकृष्णन के प्रेरणाप्रद जीवन और उनके युगान्तरकारी विचारों का पूर्ण प्रामाणिक परिचय प्रस्तुत किया है।
Gautam Adani (Hindi)/Gautam Adani/गौतम अदाणी
गौतम अदाणी एक ऐसे बिज़नेस एंपायर के संचालक हैं जिसमें पोर्ट्स, रिन्युअल एनर्जी, हवाई अड्डे, सिटी गैस डिस्ट्रिब्यूशन, पावर ट्रांसमिशन, थर्मल पावर, खाद्य तेल, सीमेंट और रेलवे लाइनें शामिल हैं और अब उनका ही अदाणी समूह जल्द टेलीकम्युनिकेशंस, डेटा सर्विसेज़, तांबा, एल्यूमिनियम और इस्पात उत्पादन जैसे क्षेत्रों में प्रवेश करने की तैयारी में है। वर्तमान में, अदाणी एशिया के साथ ही विश्व के टॉप वेल्थ जेनेरेटर्स में गिने जाते हैं। समाचारों की सुर्ख़ियों में बने रहने के बावजूद, स्वनामधन्य इस बिज़नेसमैन के बारे में, या उनकी प्रेरणाओं, दृष्टिकोण, जीवन और सफलता से जुड़ी यात्रा के बारे में बहुत कम जानकारियाँ उपलब्ध हैं।
यह किताब इसी कमी को पूरी करती है। लम्बे समय से गौतम अदाणी के करियर को अपनी पैनी दृष्टि से देखने वाले और भारत के वरिष्ठ पत्रकारों में से एक, आरएन भास्कर ने यह अनूठी किताब लिखी है जिसमें कठिन तथ्यों को एक कहानी के जैसे पेश किया गया है।
