अपनी यात्राओं, बचपन, स्कॉटलैंड के चारों ओर प्रकाश स्तंभों के भ्रमण, तथा अपने मित्रों में चरित्र की प्रेरणा पाकर, रॉबर्ट लुई स्टीवेंसन ने चिंतनमय अवस्था में बैठकर एक साहसिक कहानी लिखी, जो अब तक की सर्वाधिक प्रिय कहानियों में से एक ‘इसान या शैतान’ बन गई है। यह पुस्तक एक अद्भुत रचना है, इसकी कहानी इतनी रोचक और मनोरंजनप्रद है कि पाठक एक बार इस पुस्तक को पढ़ना शुरू करता है तो पूरी पुस्तक को पढ़कर ही दम लेता है।
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Tab Aur Ab / तब और अब
तब और अब उपन्यास में लेखक की दृष्टि हमारी दो पीढ़ियों पर टिकी है। एक पिछली पीढ़ी, जिसके अपने कुछ गुण, कुछ संस्कार थे जो उन्हें जोखिम उठाकर भी थामे रहती थी और दूसरी आज की पीढ़ी, जो बदली हुई परिस्थिति में घिरी हुई है और अपना संतुलन खो रही है। अनेक घटनाओं और पात्रों के ज़रिए लेखक ने हमारे समय का एक यथार्थ किंतु पूर्ण चित्र खींच दिया है।
Tabela / तबेला
मैं तो समझता हूँ कि संसार में सर्वश्रेष्ठ विभूति स्त्री है। इसे प्राप्त करने के लिए सारा पुरुष वर्ग दौड़ लगा रहा है, परंतु भाग्यशाली ही इसे प्राप्त कर सकता है।’ यह सुनकर नवयुवती डॉक्टर से बोली, ‘मैं भी यही समझती थी, परंतु कल से मेरी पूर्व धारणाएँ निराधार सिद्ध हो रही हैं। एक बात यह समझ में आई है कि पुरुष भी स्त्री की भाँति एक अद्वितीय विभूति है और संसार भर का स्त्री वर्ग पुरुष के पीछे भाग रहा है। इस भाग-दौड़ में ठोकर खा भूमि पर लोट-पोट होने लगी हूँ।’
भौतिकता की अंधी दौड़ में निराशा से घिरे लोगों को भारतीय विचारधारा ने कितना चमत्कृत किया है, इसका प्रभावपूर्ण चित्रण इस उपन्यास में किया गया है।
Teesri Kasam / तीसरी कसम
पति-पत्नी के संबंधों के बीच यदि कोई तीसरा आ जाए तो क्या वे सही जीवन जी पाते हैं? इस उपन्यास में भी कैलाश और अश्विनी के बीच एक तीसरा आया है। वह कौन है? प्रेमी, माता-पिता या सिर्फ गलतफहमी? इसका सही उत्तर पाने के लिए यह उपन्यास पढ़िए, जिसमें प्रेम अपनी चरम सीमा को छू रहा है। पीड़ा और कौतूहल अंत तक कथा के साथ चलते हैं और एक गहरी संवेदना के साथ उपन्यास समाप्त होता है।
Telgu Ki Shreshtha Kahaniyan / तेलुगु की श्रेष्ठ कहानियाँ
इस पुस्तक की कहानियों को पढ़कर दक्षिण भारत की सभ्यता, संस्कृति और परंपराओं का अनायास ही आभास हो जाता है। हरेक कहानी पाठक के मन पर गहरा प्रभाव छोड़ती है।
तेलुगु की कुछ श्रेष्ठ कहानियों में अडवि बापिराजु की भावना प्रधान और ऐतिहासिक प्रेम कहानियाँ, गुरजाड अप्पाराव की व्यंग्य प्रधान कहानियाँ, कविकोंडल वेंकटेश्वरराव की ग्राम्य जीवन पर कहानियाँ, चलम की विद्रोह और क्रांति का प्रतीक कहानियाँ, सुखरम प्रताप रेड्डी की कहानियाँ और मुनिमाणियम् नरसिंहराव की हास्य रस वाली कहानियाँ शामिल हैं। यह सभी कहानियाँ सीधे तेलुगु से हिंदी में अनुवाद की गई हैं।
Us Paar / उस पार
एक महारानी ने किस प्रकार आचार्यजी के द्वारा दूसरी रानी की हत्या करानी चाही? एक व्यक्ति ने फिल्म प्रोड्यूसर बनकर किस तरह आचार्यजी को ठगा?
किन-किन मार्मिक परिस्थितियों में उन्हें चार शादियाँ करनी पड़ीं? अपने जीवन-काल में उन्हें कैसी-कैसी अभागिन अबलाओं के कारण मानसिक क्लेश झेलने पड़े? इस प्रकार की अनेक सच्ची तथा हृदयस्पर्शी घटनाओं का ब्यौरेवार चित्रण है इस पुस्तक में, जो आचार्य चतुरसेन के कथा-साहित्य से भी बढ़कर पठनीय है।
Vasant Sundari / वसंत-सुंदरी
“सरस्वती मैंने तुम्हारा सौंदर्य देखा है। एक ऐसा सौंदर्य, जो केवल शरीर का ही नहीं, हृदय का था, ज्ञान का था। क्या कभी पहले इस पृथ्वी पर ऐसे सौंदर्य ने जन्म लिया था?”
यह थी वसंत-सुंदरी सरस्वती, जिसका सौंदर्य सचमुच मेनका जैसी अप्सरा के रूप-लावण्य को भी मात करता था, लेकिन वह बहुत बड़ी विदुषी भी थी।
एक थे राजा इंद्रदेव, जो हर साल एक अभूतपूर्व सुंदरी का चयन करते थे, उसे एक वर्ष अपनी संगिनी बनाकर उससे एक पुत्र की प्राप्ति करते और फिर उसका किसी राजकर्मी से विवाह करा देते थे। यह विकृत और घृणा करने योग्य प्रथा थी, पर जो भी राजाज्ञा का उल्लंघन करता, उसके परिवार को मृत्यु-दंड भोगना पड़ता। सरस्वती ने प्रण किया कि वह सबको बचाने के लिए और राजा को उद्दंडतापूर्ण कार्यों से रोकने के लिए अपने आपको समर्पित कर देगी।
उसने ऐसा ही किया अंत में राजमहल का सुख त्याग कर भिक्षुणी बन गई। फिर एक दिन ऐसा आया कि ‘संघ’ के भिक्षु वासुमित्रा के साथ संन्यास त्याग गृहस्थ आश्रम में प्रवेश कर लिया और एक पुत्र को जन्म दिया।
. . .और एक दिन फिर अपने धर्म, दर्शन और संस्कृति के बीज घर-घर में रोपने के लिए निकल पड़ी श्वेत वस्त्र धारण करके।
Vipradas / विप्रदास
यदि किसी को भारत के ग्राम्य जीवन के दर्शन करने हों तो उसे शरतचंद्र के उपन्यास पढ़ लेने चाहिए, बस सारा भारत चलचित्र की भाँति ही उसकी आँखों के सामने हाजिर हो जाएगा।
समाज के तथाकथित उच्च, विशेषतया ब्राह्मण वर्ग में पारिवारिक एवं सामाजिक संबंधों का कितना और किस प्रकार शोषण किया जाता रहा है, इस का प्रत्यक्ष उदाहरण है शरतचंद्र चट्टोपाध्याय का बहुचर्चित उपन्यास ‘विप्रदास’।
ऊँच-नीच, छुआछूत, संध्या पूजा आदि पाखंडों के चलते समाज में सरल हृदया नारियों की कोमल भावनाओं से कैसे खिलवाड़ किया जाता है—यह भी विप्रदास का प्रमुख वर्ण्य विषय है। परंपरागत बंधनों से मुक्त होने की छटपटाहट को रेखांकित करना शरतचंद्र की प्रमुख विशेषता है, जो विप्रदास में भी सहज ही देखी जा सकती है। इसका अनुवाद सीधे बंगाली भाषा से किया गया है।
Vishwa Ki Classic Kahaniyan / विश्व की क्लासिक कहानियाँ
इंग्लैंड, जर्मनी, फ्रांस, नार्वे, रूस, स्वीडन आदि देशों की सभ्यता, संस्कृति और इतिहास को दर्शाती 15 महान कहानियों का अनुपम संकलन साहित्य समाज का दर्पण होता है! इसलिए यदि किसी देश की सभ्यता संस्कृति और इतिहास की अतल गहराई में उतरना चाहते हैं, तो उस देश के कथा-साहित्य को पढ़ डालिए, बस आपके मन की मुराद पूरी हो जाएगी। इस संकलन में इंग्लैंड, जर्मनी, फ्रांस, नार्वे, स्वीडन, रूस, बेल्जियम, चेकोस्लोवाकिया आदि देशों के महान कथाकारों की प्रसिद्ध कहानियों को संकलित किया गया है। इन कहानियों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इन्हें अनुवाद करते समय मूल लेखकों की भावनाओं को पूर्ण रूप से सुरक्षित रखा गया है, साथ ही उनकी शैली का भी रसास्वादन होता है। अत्यंत सरल एवं सरस भाषा में रूपांतरित ये कहानियां वास्तव में दर्जनभर से अधिक देशों के सांस्कृतिक दर्पण का कार्य करने में सक्षम हैं। ये कहानियां उत्कृष्टता की दृष्टि से अपनी कसौटी पर खरी उतरती हैं, इसलिए कालजयी कथाओं की श्रेणी में स्थान पाने में सफल हुई हैं।
Narendra Kohli Ki Yaadgari Kahaniyan / नरेन्द्र कोहली की यादगारी कहानियाँ
नरेन्द्र कोहली की यादगारी कहानियां साहित्य से अधिक पाठकों की अपेक्षा पर ज़्यादा खरी उतरती हैं। कथा चरित्रों एवं पात्रों के माध्यम से आधुनिक समाज की समस्याओं और उनके समाधान को समाज के समक्ष प्रस्तुत करना नरेन्द्र कोहली की अनन्यतम विशेषता है। कोहली जी सांस्कृतिक राष्ट्रवादी साहित्यकार हैं, जिन्होंने अपनी रचनाओं के माध्यम से भारतीय जीवन-शैली एवं दर्शन का सम्यक परिचय कराया है। इसलिए इनकी कहानियां मनोरंजन के साथ-साथ प्रेरणाप्रद भी हैं और मार्गदर्शक भी। इस संकलन में सभी कहानियां मूल प्रामाणिक पाठ के साथ दी गई हैं, ताकि पाठकों के साथ-साथ ये शोधार्थियों के लिए भी उपयोगी हों। कालजयी कथाकार एवं मनीषी डॉ नरेन्द्र कोहली की गणना आधुनिक हिंदी साहित्य के सर्वश्रेष्ठ रचनाकारों में होती है। कोहली जी ने साहित्य की सभी प्रमुख विधाओं (यथा उपन्यास, व्यंग्य, नाटक, कहानी) एवं गौण विधाओं (संस्मरण आदि) और आलोचनात्मक साहित्य में अपनी कलम चलाई। उन्होंने शताधिक श्रेष्ठ ग्रंथों का सृजन किया।
