
क्या आप किसी ऐसे ग्रंथ के विषय में सोच सकते हैं जिसे आप सीधे पढ़े तो कुछ और अर्थ निकले और अगर उल्टा पढ़ें तो कोई और अर्थ? ग्रंथ को तो छोड़िए, ऐसा केवल एक श्लोक भी बनाना अत्यंत कठिन है। लेकिन क्या आपको पता है कि एक ऐसा ग्रन्थ है जिसमें एक नहीं बल्कि संपूर्ण श्लोक इस प्रकार लिखे गए हैं जिसे अगर आप सीधा पढ़ें तो रामकथा बनती है और उसी को अगर आप उल्टा पढ़ें तो कृष्णकथा।
इस ग्रंथ का नाम है राघवयादवीयम्, जो स्वयं राघव (श्रीराम) और यादव (श्रीकृष्ण) के योग से बना है। इसे “अनुलोम-विलोम काव्य” भी कहा जाता है।
Imprint: Penguin Swadesh
Published: Mar/2027
ISBN: 9789377308537 (Paperback)
Length : 96 Pages
MRP : ₹199.00