
जिस देश की संस्कृति अपना इतिहास भूल जाती है, वह देश दुनिया के नक्शे से हमेशा के लिए नष्ट हो जाता है। जब-जब भारत अपना इतिहास भूला, तब–तब पराधीन होता चला गया, लेकिन जब इस देश के समाज सुधारकों, चिंतकों और साहित्यकारों ने लोगों को भारत के गौरवशाली इतिहास से अवगत कराया, तो तब देश न केवल स्वतंत्र हुआ वरन नव निर्माण के साथ उन्नति के शिखर को छूने के निकट जा पहुंचा। आचार्य चतुरसेन ऐसे ही लेखक थे, उन्होंने अपनी इस पुस्तक में रूठी रानी समेत इतिहास की कई अन्य वीरांगनाओं एवं वीरों का कहानी के माध्यम से अदभुत चित्रण किया है।
Imprint: Hind Pocket Books
Published: Jun/2023
ISBN: 9780143462064
Length : 144 Pages
MRP : ₹250.00