
शंकर के चार अध्याय आदि शंकराचार्य के जीवन, दर्शन और उनकी गुरु-परंपरा की 1,300 वर्षों से अधिक की यात्रा को प्रस्तुत करती है। यह पुस्तक प्राचीन वैदिक परंपरा से लेकर शंकराचार्य और उनके द्वारा स्थापित चार प्रमुख मठों की परंपरा तक भारतीय आध्यात्मिक चेतना के विकास को समझने का अवसर देती है। इतिहास, दर्शन और आध्यात्मिक चिंतन के समन्वय से यह कृति भारतीय संस्कृति की अखंडता, विविधता में एकता और गुरु-शिष्य परंपरा के महत्त्व को रेखांकित करती है। साथ ही, यह प्राचीन आध्यात्मिक विरासत की आधुनिक संदर्भों में प्रासंगिकता पर विचार करने और आदि शंकराचार्य के विचारों तथा उनके स्थायी प्रभाव को नए दृष्टिकोण से समझने का अवसर प्रदान करती है।
Imprint: Penguin Swadesh
Published: Jan/2027
ISBN: 9789377308506 (Paperback)
Length : 256 Pages
MRP : ₹399.00