
भारत की राजनीति एक ऐसे दौर से गुजर रही है, जहाँ पुरानी वैचारिक विरासतें नई आकांक्षाओं, बदलती जनभावनाओं और तीव्र राजनीतिक संचार से लगातार टकरा रही हैं। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव समकालीन भारतीय राजनीति के सबसे चर्चित नेताओं में हैं। राजनीतिक विरासत के उत्तराधिकारी से लेकर अपनी विशिष्ट राजनीतिक पहचान गढ़ने वाले नेता तक की उनकी यात्रा कई अहम सवाल सामने लाती है—क्या इक्कीसवीं सदी के भारत में समाजवाद अब भी प्रासंगिक है? क्या क्षेत्रीय नेतृत्व राष्ट्रीय राजनीति की दिशा तय कर सकता है? क्षितिज पर समाजवाद अखिलेश यादव के नेतृत्व और राजनीतिक विचारों का आलोचनात्मक अध्ययन करते हुए इन सवालों की पड़ताल करती है। यह पुस्तक महज़ एक राजनीतिक अध्ययन नहीं है। यह नीति-निर्माताओं, शोधकर्ताओं, पत्रकारों, विद्यार्थियों और सामाजिक विज्ञान के अध्येताओं के साथ-साथ समकालीन भारतीय लोकतंत्र को समझने में रुचि रखने वाले सामान्य पाठकों के लिए भी महत्त्वपूर्ण है।
Imprint: Penguin Swadesh
Published: Oct/2026
ISBN: 9789377307189 (Paperback)
Length : 288 Pages
MRP : ₹499.00