Publish with Us

Follow Penguin

Follow Penguinsters

Follow Penguin Swadesh

Swasthya Raksha/स्वास्थ्य रक्षा

Swasthya Raksha/स्वास्थ्य रक्षा

Aacharya Chatursen/आचार्य चतुरसेन
Select Preferred Format
Buying Options
Paperback / Hardback

स्वास्थ्य रक्षा का अर्थ है शरीर की रोग, विकार, आलस्य आदि से रक्षा करना। शास्त्रों के अनुसार आध्यात्मिक (मन से उत्पन्न दु:ख), आधिभौतिक (शारीरिक दु:ख) तथा आधिदैविक (प्रकृत दु:ख) रूपों से भावना की रक्षा, स्वास्थ्य रक्षा है। आचार्य चतुरसेन ने आयुर्वेद के तरीके से स्वस्थ रहने के मूलमंत्र को इस पुस्तक में दिया है। स्वास्थ्य रक्षा के अनेक मूलमंत्र हैं जैसे पौष्टिक और स्वास्थ्यकर भोजन खाना। भोजन नियत समय पर और भूख लगने पर करना चाहिए। सादा, सुपाच्य, सन्तुलित और पौष्टिक भोजन अधिक लाभदायक है। घी, तेल, फल, सब्जी के प्रयोग से भोजन में पौष्टिकता आती है। सड़े-गले बासी, अपाच्य भोजन का सेवन नहीं करना चाहिए। यह पुस्तक अपने आप में एक कंपलीट हैल्थ गाइड है, जो हर किसी के लिए उपयोगी है। 

Imprint: Hind Pocket Books

Published: Jun/2023

ISBN: 9780143462026

Length : 160 Pages

MRP : ₹250.00

Swasthya Raksha/स्वास्थ्य रक्षा

Aacharya Chatursen/आचार्य चतुरसेन

स्वास्थ्य रक्षा का अर्थ है शरीर की रोग, विकार, आलस्य आदि से रक्षा करना। शास्त्रों के अनुसार आध्यात्मिक (मन से उत्पन्न दु:ख), आधिभौतिक (शारीरिक दु:ख) तथा आधिदैविक (प्रकृत दु:ख) रूपों से भावना की रक्षा, स्वास्थ्य रक्षा है। आचार्य चतुरसेन ने आयुर्वेद के तरीके से स्वस्थ रहने के मूलमंत्र को इस पुस्तक में दिया है। स्वास्थ्य रक्षा के अनेक मूलमंत्र हैं जैसे पौष्टिक और स्वास्थ्यकर भोजन खाना। भोजन नियत समय पर और भूख लगने पर करना चाहिए। सादा, सुपाच्य, सन्तुलित और पौष्टिक भोजन अधिक लाभदायक है। घी, तेल, फल, सब्जी के प्रयोग से भोजन में पौष्टिकता आती है। सड़े-गले बासी, अपाच्य भोजन का सेवन नहीं करना चाहिए। यह पुस्तक अपने आप में एक कंपलीट हैल्थ गाइड है, जो हर किसी के लिए उपयोगी है। 

Buying Options
Paperback / Hardback

Aacharya Chatursen/आचार्य चतुरसेन

आचार्य चतुरसेन शास्त्री हिन्दी भाषा के एक महान उपन्यासकार थे। इनका अधिकतर लेखन ऐतिहासिक घटनाओं पर आधारित है। इनकी प्रमुख कृतियां गोली, सोमनाथ, वयं रक्षामः और वैशाली की नगरवधू इत्यादि हैं। आभा इनकी पहली रचना थी। इनके अतिरिक्त शास्त्रीजी ने प्रौढ़ शिक्षा, स्वास्थ्य, धर्म, इतिहास, संस्कृति और नैतिक शिक्षा पर कई महत्वपूर्ण पुस्तकें लिखी हैं।

More By The Author

Nimantran/निमन्त्रण

Nimantran/निमन्त्रण

Aacharya Chatursen/आचार्य चतुरसेन
Moti/मोती

Moti/मोती

Aacharya Chatursen/आचार्य चतुरसेन
Narmedh/नरमेध

Narmedh/नरमेध

Aacharya Chatursen/आचार्य चतुरसेन
Roothi Rani/रूठी रानी

Roothi Rani/रूठी रानी

Aacharya Chatursen/आचार्य चतुरसेन
Dharti Aru Aasman/धरती और आसमान

Dharti Aru Aasman/धरती और आसमान

Aacharya Chatursen/आचार्य चतुरसेन
Poornahuti/पुर्णाहुति

Poornahuti/पुर्णाहुति

Aacharya Chatursen/आचार्य चतुरसेन
Rajyabhishek/राज्याभिषेक

Rajyabhishek/राज्याभिषेक

Aacharya Chatursen/आचार्य चतुरसेन
Apradhi/अपराधी

Apradhi/अपराधी

Aacharya Chatursen/आचार्य चतुरसेन
error: Content is protected !!