Publish with us

Follow Penguin

Follow Penguinsters

Follow Hind Pocket Books

The  Art of Resilience (Hindi)/Mansik Shakti Kaise Badhaayen/मानसिक शक्ति कैसे बढ़ाएँ

The Art of Resilience (Hindi)/Mansik Shakti Kaise Badhaayen/मानसिक शक्ति कैसे बढ़ाएँ

Man Ko Unnat Aur Hriday Ko Rupantarit Karne Wali 40 Kahaniyan/मन को उन्नत और हृदय को रुपांतरित करने वाली 40 कहानियाँ

Gauranga Das/गौरांग दास
Select Preferred Format
Buying Options
Paperback / Hardback

क्या आप हर बात में बहुत अधिक सोचते हैं? आप किसी बात पर जल्दी कोई फैसला नहीं ले पाते और उसी के बारे में सोच सोचकर रातों की नींद ख़राब करते हैं? नकारात्मक जीवन, काम और संबंधों के बारे में किसी उद्देश्यपूर्ण चीज़ की तलाश में हैं? एक बार अल्बर्ट आइंस्टाइन ने कहा था, ‘अक़्ल स्कूल में पढ़ाई करने से नहीं आती बल्कि उसको हासिल करने के जीवनपर्यंत प्रयास से आती है।’
इस पुस्तक में मन को उन्नत और हृदय को रूपांतरित करने वाली 40 कहानियों के साथ गौरांग दास आपको अंतर्मन की खोज यात्रा पर ले जाते हैं। आशाओं की ऊँचाइयों से परे, असहमतियों की घाटियों से होते हुए, आत्मवंचना के तलों से होकर। इस तरह वे आपको अपने हृदह के गृह के पास ले आते हैं, आपको समर्थ बनाते हैं कि आप द्वार खोलकर अपना परिचय प्राप्त करें, और अंततः अपने वास्तविक रूप से आपका परिचय हो सके।  

Imprint: Penguin Swadesh

Published: May/2024

ISBN: 9780143457503

Length : 304 Pages

MRP : ₹250.00

The Art of Resilience (Hindi)/Mansik Shakti Kaise Badhaayen/मानसिक शक्ति कैसे बढ़ाएँ

Man Ko Unnat Aur Hriday Ko Rupantarit Karne Wali 40 Kahaniyan/मन को उन्नत और हृदय को रुपांतरित करने वाली 40 कहानियाँ

Gauranga Das/गौरांग दास

क्या आप हर बात में बहुत अधिक सोचते हैं? आप किसी बात पर जल्दी कोई फैसला नहीं ले पाते और उसी के बारे में सोच सोचकर रातों की नींद ख़राब करते हैं? नकारात्मक जीवन, काम और संबंधों के बारे में किसी उद्देश्यपूर्ण चीज़ की तलाश में हैं? एक बार अल्बर्ट आइंस्टाइन ने कहा था, ‘अक़्ल स्कूल में पढ़ाई करने से नहीं आती बल्कि उसको हासिल करने के जीवनपर्यंत प्रयास से आती है।’
इस पुस्तक में मन को उन्नत और हृदय को रूपांतरित करने वाली 40 कहानियों के साथ गौरांग दास आपको अंतर्मन की खोज यात्रा पर ले जाते हैं। आशाओं की ऊँचाइयों से परे, असहमतियों की घाटियों से होते हुए, आत्मवंचना के तलों से होकर। इस तरह वे आपको अपने हृदह के गृह के पास ले आते हैं, आपको समर्थ बनाते हैं कि आप द्वार खोलकर अपना परिचय प्राप्त करें, और अंततः अपने वास्तविक रूप से आपका परिचय हो सके।  

Buying Options
Paperback / Hardback

Gauranga Das/गौरांग दास

गौरांग दास मुम्बई में रहने वाले एक नेतृत्व और चेतना(लीडरशिप और माइंडफुलनेस) के प्रशिक्षक-गुरु हैं। आईआईटी बंबई से पढ़ाई करने के बाद उन्होंने सन्यास का राह धारण किया। वह इस्कॉन के गवर्निंग बॉडी कमीशन के एक सदस्य हैं और मेंदिरों के नेतृत्व प्रभावशालिता को दुनिया भर में विस्तार करने में सक्रिय हैं। 

More By The Author

error: Content is protected !!