
इस उपन्यास की कहानी उस कहर ढाने वाली घटना के दो साल बाद कहीं शुरू होती है, जब रघु एक रात ब्राह्मी को नहीं बचा सका था। उस रात सब कुछ खोकर रघु दुनिया से दूर कहीं छिप जाना चाहता था। लेकिन रघु के जीवन में अद्वैता के आने के साथ ही जैसे कोई धुंधली राह रौशन हो जाती है। परंतु अद्वैता रघु की ओर जितना खिंचती जाती है, रघु उससे उतना ही दूर भाग जाना चाहता है।
अद्वैता यह पता लगाने में कोई कसर नहीं छोड़ती कि रघु उससे दूरी क्यों बना रहा है? वह क्या छुपा रहा है और उसे इस कदर तोड़कर किसने छोड़ दिया?क्या अद्वैता को इस उलझन का कोई सिरा मिला? क्या उसका प्यार रघु के दिल के दर्द की दवा बन सका? क्या टूटे दिलवाले को कोई जोड़ सका? जवाब है आपके हाथ में थमी इस किताब में!
Imprint: Hind Pocket Books
Published: Jan/2023
ISBN: 9780670092611 (Paperback)
Length : 334 Pages
MRP : ₹350.00