
विश्वविख्यात भविष्यवक्ता एवं ज्योतिषाचार्य कीरो का बहुचर्चित ग्रंथ है—वृहद भाग्य-चंद्रिका। इस ग्रंथ में संसार में पहली बार ग्रह-नक्षत्रों के क्रमिक प्रभावों को प्रस्तुत किया गया है। दीर्घकालीन अनुभवों द्वारा उन्होंने प्रामाणिक पाया कि प्रत्येक मास के हर दिन पर भी ग्रहों का प्रभाव पड़ता है और इस ग्रंथ में इसे वह विस्तार से समझाते हैं।
गणितीय गणना द्वारा ग्रह-नक्षत्रों का एक राशि से दूसरी राशि में जाने, सूर्य तथा चंद्र ग्रहण, विभिन्न ग्रहों की अनुकूल तथा प्रतिकूल स्थिति, त्रिकोणीय अवस्था आदि के आधार पर किए गए मानवों के भविष्य विषयक फलादेशों का लेखा-जोखा इसमें दिया गया है। ज्योतिष विद्या का लाखों पाठकों में लोकप्रिय यह ग्रंथ अपने आपमें संपूर्ण संस्करण है।
Imprint: Penguin Swadesh
Published: Jul/2025
ISBN: 9780143477228 (Paperback)
Length : 380 Pages
MRP : ₹399.00