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Begane Ghar Mein/बेगाने घर में

मंजुल भगत की इस कृति में तीन लघु उपन्यास संग्रहीत हैं—बेगाने घर में, लेडीज़ क्लब और टूटा हुआ इंद्रधनुष।
नई ज़मीन पर लिखे गए सशक्त उपन्यास बेगाने घर में को पढ़ते हुए अनुभव होगा कि एकाकीपन से उपजी पीड़ा धनहीनता की पीड़ा से कहीं अधिक कष्टकर है।
लेडीज़ क्लब सामयिक परिस्थितियों में उभरा एक सामाजिक व्यंग्य है। इसमें दोहरेपन को जीते लोग हैं और उनके खोखले आदर्श हैं। परिस्थितियों की विषमताओं से उत्पन्न कुंठा व संत्रास है।
टूटा हुआ इंद्रधनुष जीवन और उसके सत्यासत्यमूलक पहलुओं पर विचार करता है। इस उपन्यास में शरीर की वास्तविकता, जन्म और यौवन, क्षणिक अनुभूति की महत्ता प्रतिपादित की गई है।

Chhoti Si Baat/छोटी सी बात

‘छोटी-सी बात’ रांगेय राघव का अत्यंत लोकप्रिय एवं पठनीय उपन्यास है। कलेवर में भले ही यह लघु है परंतु अपने कथ्य में अत्यंत विराट है। कुल मिलाकर यह उपन्यास एक जीवंत दस्तावेज़ है।
पत्र शैली में लिखा गया यह उपन्यास नारी एवं पुरुष के संबंधों पर एक नए दृष्टिकोण से सोचने को विवश करता है। यह एक अत्यंत रोचक उपन्यास है। इस पर एक टेलीफिल्म का निर्माण भी हो चुका है।

Dasta Ke Naye Rup/दास्ता के नए रुप

‘दासता के नए रूप’ में उपन्यासकार ने स्वातंत्र्योपलब्धि के अनंतर देशवासियों की दास मनोवृत्ति और पतित आचरण का विश्लेषण किया है। इस दिशा में उनकी यह अत्यंत सफल अभिव्यक्ति कही जा सकती है। उनका कहना है कि सत्ताधीश लोग मनुष्य को दासता की शृंखलाओं में बाँधने का यत्न करते रहे हैं। राजनीतिक सत्ता अथवा आर्थिक व सामाजिक प्रभुत्व प्राप्त करके लोग अन्य मनुष्यों को अपनी सत्ता प्रभाव के अधीन रखने के लिए अनेकानेक प्रकारों का प्रयोग करते हैं। ये दासता उत्पन्न करने के उपाय हैं।

Dhoop Chhanw/धूप छांव

यह उपन्यास जीवन के उजले और अंधेरे पक्ष को आधार बनाकर लिखा गया है। जीवन में दिन हमेशा एक जैसे नहीं रहते, कभी ख़ुशी तो कभी गम भी झेलना पड़ता है। जीवन इसी का नाम है। कोई कितना भी धनी हो, वह भी दुखों और चिंता की चपेट में आता है और कोई कितना भी निर्धन हो, वह भी सुखी पलों में मुस्कराता है। जीवन की यही सच्चाई है और इसी सच्चाई का चित्रण इस उपन्यास में किया गया है। यह उपन्यास बेहद ही रोचक एवं मार्मिक है।

Dibiya Chandi Ki/डिबिया चाँदी की

उमा त्रिलोक की इन कहानियों को पढ़कर अहसास होता है कि ये तो अपने आसपास के पात्रों पर ही आधारित हैं। इन कहानियों की भाषा एवं शैली अत्यंत प्रभावशाली है और भाषा का मिठास भी अपनी ही वाणी जैसा नजर आता है। निस्संदेह ये कहानियाँ मनोरंजन के साथ-साथ पाठक को कल्पनालोक में भी ले जाती हैं और भावनाओं के भंवर में भी गोते लगवाती हैं। कुल मिलाकर ये कहानियाँ हरेक उम्र के पाठक के लिए पठनीय ही नहीं वरन संग्रह करने योग्य भी हैं।

Gaban/गबन

संसार के अग्रणी कथाकारों में प्रतिष्‍ठित उपन्यास-सम्राट प्रेमंचद ने गबन में टूटते मूल्यों के अंधेरे में भटकते मध्यवर्ग का वास्तविक चित्रण किया है।
यह रमानाथ की कहानी है, जो सुंदर, सुख-सुविधा चाहने वाला, घमंडी और नैतिक रूप से कमज़ोर है। वह अपनी पत्नी जलपा को ख़ुश करने के लिए उसे गहने उपहार में देने की कोशिश करता है, जिसे वह अपनी कम तनख्वाह से नहीं खरीद सकता, कर्ज में डूब जाता है, जो अंततः उसे गबन करने पर मजबूर करता है।
गबन का मूल संदेश है कि इंसान को अपनी हैसियत के मुताबिक ही अपनी ज़रूरतों को पूरा करना चाहिए। उसका एक गलत कदम कई ज़िंदगियों को प्रभावित करता है। उपन्यास के नायक-नायिका रमानाथ, जलपा के साथ रतन, देवीदीन, जौहरा, वकील साहब आदि पात्रों का विश्लेषण भी किया गया।

Hadtal Kal Hogi/हड़ताल कल होगी

मॉरिशस के प्रतिभावान कथाकार अभिमन्यु अनत ने आधुनिक हिंदी कथा-साहित्य में अपना विशिष्ट स्थान बना लिया है। उनका यह उपन्यास उनके साहित्यिक व्यक्तित्व को नया आयाम प्रदान करता है।
उपन्यास का नायक अमित भावुक है, चिंतक है, मजदूरों का नेता है। अमीर-गरीब के बाहर-भीतर के फासले से वह तिलमिला उठता है। मजदूर डेढ़ सौ साल बाद भी मजदूर ही है—एक बहुत बड़ी गोलाई की यात्रा, जहाँ आदमी वहीं लौट आता है, जहाँ से यात्रा शुरू करता है।
अमित के जीवन की विडंबना यह है कि जिसे प्यार करता है, उसी के पिता से गहरी जंग छेड़ रखी है।
एक सशक्त उपन्यास जो बार-बार सोचने पर बाध्य करता है कि इस दुनिया में हमारी कोई हस्ती क्यों नहीं है?

Heere Ka Haar/हीरे का हार

फ्रांस के महान् कथाकार मोपासां की विश्व प्रसिद्ध कहानी है हीरे का हार, जिसमें नायिका ने सिर्फ एक हार की ख़ातिर अपनी सारी ज़िंदगी ही बर्बाद कर डाली।
इसमें मोपासां की एक कालजयी औपन्यासिक कृति एक औरत की ज़िंदगी भी दी गई है। टॉल्सटॉय ने इसके बारे में कहा था कि विक्टर ह्यूगो के ले मिज़रेबल के बाद यह फ्रेंच साहित्य का सर्वश्रेष्ठ उपन्यास है।
जीन व्यक्ति और चीज़ों के प्रति मोहग्रस्त है। आत्मा की गहराइयों से उठता है मोह, पर जिसने उसे केवल यातनाएँ ही दी हैं।
जूलियन ने पत्नी जीन के साथ दगा किया। नौकरानी रोज़ाली को अपने बेटे की माँ बनने पर मजबूर कर दिया। कौंतेस गिलबर्त के साथ भी ऐसे ही संबंध बनाए। अपनी ही नीच प्रवृत्तियों ने एक दिन उसे भयावह मौत दी। यह निरंतर अकेली होती रही, तड़पती रही, पर कभी भी मोह नहीं छूटा।

Anandamath, or The Sacred Brotherhood (English)

This is a translation of a historically important Bengali novel.
Published in 1882, Chatterji’s Anandamath helped create the atmosphere and the symbolism for the nationalist movement leading to Indian independence in 1947. It contains the famous hymn Vande Mataram (“I revere the Mother”), which has become India’s official National Song. Set in Bengal at the time of the famine of 1770, the novel reflects tensions and oppositions within Indian culture between Hindus and Muslims, ruler and ruled, indigenous people and foreign overlords, jungle and town, Aryan and non-Aryan, celibacy and sexuality. It is both a political and a religious work. By recreating the past of Bengal, Chatterji hoped to create a new present that involved a new interpretation of the past. Julius Lipner not only provides the first complete and satisfactory English translation of this important work, but supplies an extensive Introduction contextualizing the novel and its cultural and political history. Also included are notes offering the Bengali or Sanskrit terms for certain words, as well as explanatory notes for the specialized lay reader or scholar.

The Drowning

Shattered by the loss of her twins, software engineer Viji becomes the prime suspect in a chilling crime—the drowning of her best friend Neha’s baby. ASP Kanika, haunted by her own personal loss, is pulled into an investigation that quickly spirals into a nightmarish descent. Viji’s eerie silence only deepens the enigma, and as Kanika digs further, her instincts sense something far more sinister lurking beneath the surface.

The evidence hints at Viji’s involvement in black magic to resurrect her twins, but the scene defies logic. Viji is found in a trance, cradling the lifeless baby, while Neha has vanished without a trace. Neha isn’t alone; in the past week, four pregnant women have disappeared, each leaving behind a blood-streaked symbol—an ominous mark of doom.

When Neha’s mutilated body is discovered, branded with the same grotesque symbol, Kanika realizes she’s up against something much more terrifying than a serial killer. As she unravels a web of evil tantric practices, Kanika confronts a horrifying possibility: Is she hunting a twisted killer, or has she awakened an ancient, malevolent force? And if so, how long before it comes for her?

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